Monday, April 25, 2011

उन्नति या अवन्ती

बहुत मिश्किल है
यह तय करना कि
हम कर रहे हैं
उन्नति या अवन्ती
दिन प्रति दिन
क्योंकि दोनों ही
महत्व पूर्ण हैं अपने आप में
महत्व पूर्ण ही नही
अर्थ हीन और अर्थवान भी हैं
क्योंकि जिस उन्नति ने
बाजारीकरण कर दिया है
हमारे रिश्तों का हमारे सम्बन्धों का
हमारी सम्वेदनाओं का
तो क्या वह उन्नति है या अवन्ती
प्रश्न तो यह है
इस का उत्तर
मैं तुम से पूछता हूँ
जरा सोच कर उत्तर देना
कि उन्नति अवन्ती है
या अवन्ती उन्नति ||

3 comments:

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत अच्छी अभिव्यक्ति ...

कुछ शब्दों की वर्तनी अशुद्ध दिख रही है ..शायद टाइपिंग की गल्ती रही होगी ...

सतीश सक्सेना said...

अवन्ती या अवनति ? शुभकामनायें आपको !

प्रवीण पाण्डेय said...

बहुधा समतल पर टिके रहना भी कठिन हो जाता है।