Thursday, April 21, 2011

समय

समय बदलेगा तो
क्या कुछ नही बदलेगा
निश्चित बदलेगा सब कुछ
समय अपने साथ साथ बदल देता है
पूरी की पूरी हवा को
इसी लिए तुम भी बदल जाना
समय के साथ साथ
तभी होगा तुम्हारा भी स्वागत
बदलते समय के साथ
क्योंकि यदि तुम बदले तो
लोग तुम्हें भी
बदलते समय का साथी मान कर
पहना देंगे फूलों की मालाएं
तुम्हारे भी उपर करेंगे
फूलों की वर्षा
इसी लिए बने रहना
समय के साथ
उस के कंधे से कंधा
मिला कर चलते रहना
देखना पिछड़ मत जाना
नही तो तुम्हे पीछे छोड़
समय निकल जायेगा
बड़ी तेजी से आगे ||

3 comments:

वन्दना said...

सुन्दर अभिव्यक्ति।

प्रवीण पाण्डेय said...

समय जब उछाल पर होता है, कितना कुछ बदल देता है।

सुशील बाकलीवाल said...

कविता में जीवन की वास्तविकता...
शुभकामनाओं सहित...

नये ब्लाग लेखकों के लिये उपयोगी सुझाव.

बेहतर स्वास्थ्य की संजीवनी- त्रिफला चूर्ण