Sunday, November 28, 2010

घोटाला महिमा

बेशर्मी की हद हो गई बेईमान सम्मानित हैं
करें देश की बात यदि जो वे होते अपमानित हैं
चुप्पी साधे ढोंग कर रहे हरीश चन्द्र बन जाने का
पोल खुल गई घोटालों की कोर्ट में ये प्रमाणित हैं

चोरी की है तो की ही है बोलो तुम क्या कर लोगे
जो भी लूटा पचा गए वो बोलो तुम क्या कर लोगे
चोरी और सीना जोरी की आदत यह पुरानी है
सत्ता पर काबिज हैं अब वो बोलो तुम क्या कर लोगे

घोटालों का लम्बा सा इतिहास तुम्ही से जुड़ा हुआ
चोर २ मौसेरों का है आपस में सम्बन्ध हुआ
तेल , खेल हो या तू जी हो ऐसे कितने घोटाले
इन सब का है इस शासन से सीधा सा सम्बन्ध हुआ

1 comment:

नरेन्द्र व्यास said...

wah ! ghotalon kee wakai kya mamima likhi hai aapne, aankhen khol dene wali. par is desh ka durbhagya rahaa hai ki videshi aakrantaon ne is desh ke karndharon kee sharm bhee loot kar le gaye. ab inko sharm nahee aati..!
par wakai kamaal kee rachna ke liye badhai aur sadhuwad aapka ! aapko dil se naman !