Sunday, December 25, 2011






राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय खुजली

खुजली शब्द को सुनते ही मजा सा आने लगता है क्योंकि जैसे बिवाई के फटे बिना पीर नही जानी जा सकती ऐसे ही खुजली के खुजलाये बिना आप को उस का मजा नही आ सकता है और जिस ने जिन्दगी में खुजली का मजा न लिया हो ऐसा भी कोई इन्सान नही होगा क्यों कि यह मजा ही ऐसा है जिसे लिए बिना आप रह नही सकते |यदि आप को कहीं खुजली हो रही हो तो आप कितनी भी कोशिश करो मन को खूब पक्का करो पर जैसे नेता भाषण दिए बिना ,कवि कविता सुनाये बिना ,औरते चुगली २ बतलाये बिना ,यौवन की दहलीज पर आये युवा लडके लडकी एक दूसरे को देखे बिना , सास बहुएं एक दूसरे की बुराई किये बिना ,दूध वाले पानी मिलाये बिना ,कहावत के अनुसार सुनार खोट मिलाये बिना पत्नी पति को डांट लगाये बिना बर्तनों को खडके बिना ,कोयल को कूके बिना ,मोर को नाचे बिना ,गधे को ढेंचू २ किये बिना कुत्ते को भौंके बिना आदि जैसे मानते ही नही है वैसे ही आदमी खुजलाये बिना मानता ही नही है |वह लाख कोशिश कर के देख ले पर खुजलाये बिना रह ही नही सकता ,खुजली चीज ही ऐसी है क्यों कि यह एक सार्वजनीन ,सर्वव्यापक ,राष्ट्रिय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की चीज है |आखिर ऐसी महत्व पूर्ण चीज से कोई कैसे वंचित रह सकता है और यदि रह जाये तो वह या तो आदमी नही है और यदि है तो वह खुजलाये बिना रह जाये तो समझो अपनी जिन्दगी के असली मजे से वंचित रह गया |उस जैसा दुर्भाग्यशाली इस दुनिया में कोई नही होगा कि जिसे खुजली लगी हो और वह इसे खुजलाये बिना रह जाये क्योंकि यह तो गूंगे का गुड है , जी हाँ इस के आगे लड्डू ,बर्फी रस मलाई आदि तो कुछ भी नही हैं |अब आप समझ ही गये होंगे कि कितनी महत्वपूर्ण चीज है यह खुजली या खाज |
इस का महत्व स्त्री -पुरुष ,घर - परिवार ,गली - मौहल्ला ,गाँव - नगर , जिला - राज्य ,व देश - विदेश तक व्यापक है |सब से ज्यादा तो यह आप के लिए ही महत्वपूर्ण है |हो सकता है खुजली के लिए भी आदमी ही सब से ज्यादा उपयुक्त हो क्योंकि सब से ज्यादा खुजली भी उसी को होती है जो उसे कहीं भी और कभी भी हो सकती है किस भी जगह या किसी भी समय दिन - रात ,सोते जगते ,उठते -बैठते हरी नाम की तरह हो सकती है जैसे हरी नाम कैसे भी लिया जा सकता है ऐसे ही खुजली भी कहीं भी की जा सकती है |पर इस सब में सब से महत्व पूर्ण है आदमी यानि जिसे खुजली होती रहती है और वह अपनी खुजली मिटने के लिए कई बार बहुत लोगों को खुजली कर देता है और कई बार तो ऐसी खुजली फैलता है कि इस खुजली से पूरी दुनिया को संक्रमित कर देता है जैसे आतंक वाद की खुजली ने पूरे विश्व को परेशान कर रखा है जिसे खुजाते २ पूरा विश्व उकता चुका है पर यह खुजली है कि मिटती ही नही और घटने के बजाय दोनों दिन और बढती रहती है |
ऐसे ही खुजली कई अन्य देशों में भी समय २ पर उठती रहती है जिस के कारण वे दूसरे देशों को भी ऐसे परेशान करते हैं जैसे भैंसा अपनी खुजली मिटने के लिए किसी पेड़ ,खम्बा या गाड़ी आदि से अपने शरीर को रगड़ते २ उसे गिरा देता है ऐसी ही खुजली अमेरिका और चीन को भी होती रहती है | अम्रेरिका तो बाकायदा एलान कर के जोर २ से खुजली करता है उसे खुजलाने के लिए कभी इराक कभी इरान कभी अफगानिस्तान और कभी हिन्दुस्तान या पाकिस्तान चाहिए ही | ऐसे ही चीन है वह तो जिस को मर्जी धमका देता यदि कोई अपने यहाँ किसी भिक्षु को भी बुला ले तो बस चीन उस का ही दुश्मन बन जाता है ऐसे ही देखा देखी अब रूस भी को भी दुबारा खुजली होने लगी है तो उस ने श्री मद भागवत गीता पर ही प्रतिबन्ध की मंशा जाहिर कर के अपनी खुजली मिटानी शुरू कर दी |अब बताओ ऐसी २ खुजली का क्या किया जाये समझ नही आता है और हमारा देश है कि उसे पता है कि रूस गलत जगह खुजा रहा है तो भी कुछ नही कहता है लगता यहाँ के नेताओं को भी गलत जगह खुजली हो रही है जो मन मर्जी खुजलाये जा रहे हैं नही तो ऐसा करार जबाब दें कि उस के तो बड़ों २ की खुजली बंद हो जाये |
पर वे कह भी कैसे सकता हैं क्योंकि वह तो स्वयम ऐसी २ खुजली करते हैं इन नेताओं को साम्प्रदायिकता नामकी बिना बात की सूखी खुजली वक्त बेवक्त होती रहती है इस खुजली को वे जब मर्जी खुजलाने लगते हैं न तो वे इस में कोई जगह देखते है नऔर न ही अपना शरीर कि कहाँ खुजा रहे हैं | और सब से ज्यादा मजा तो उन्हें गुजरात की तरफ मुंह कर के खुजलाने में आता है |जिसे वे गुजरती खुजली या भगवा खुजली कहते हैं परन्तु गुजरातियों के पास इस खुजली की ऐसी दाव है कि जिसे वे जिस को भी लगा देते हैं वह ही नाचता २ फिरता है या बिलों में जा कर ही उसे शन्ति मिलती है |और तो और कुछ बिका हुआ मिडिया भी इस गुजरती खुजली से बाज नही आता है वह जब तब इसे करता ही रहता है पर गुजरती दवा है बहुत तेज जिसे लगती है नचाती जरूर है |ऐसे ही एक टोपी वाले को भी गुजरती खुजली लगी पर जब उसे दवा लगाई तो वह भी नाचा २ फिरा और फिर घर छोड़ कर ही भाग गया कि भाई मैं तो एक दम ठीक हो गया हूँ |यह खुजली तो मुझे किसी और न जबरदस्ती पकड़ा दी थी |
जब बात देश की चली है तो लगे हाथ कुछ और लोगों की खुजली भी मिटवा ली जाये |इन में से कुछ ओग तो ऐसे हैं कि उन्हें इतनी जोर से खुजली लगती है कि वे न तो दिन देखते हैं और न ही रात बस उन को तो खुजली मिटने से मतलब |उन्हें इस से क्या कि चाहे बच्चे हों चाहे औरते चाहे आधी रात हो डंडा ले कर रात में ही लगे अपनी खुजली मिटाने बेशक उस से भारत माता की एक वीर पुत्री बलिदान भी हो गई परन्तु उन्हें इस से क्या उन्हें तो अपनी खुजली से मतलब सो उन्होंने खुजलाया लो अब कर लो उन का क्या कर लोगे |उन्होंने तो खुजली मिटा ही ली |
ऐसे ही एक और माननीय हैं |वे तो अपनी मन मर्जी खुजली मिटने के लिए किसी को भी धमकाने लगते हैं |परन्तु चलो देशी लोगों को तो वे आसानी से धमका सकते हैं परन्तु विदेशियों को कैसे धमका सकते हो एक देशी कहावत है धिन्गों {ताकत वर } के लिए धींग बहुत मिल जाते हैं घर नही तो बाहर मिल जाते हैं सो उन्हें मिल भी गये |आखिर उन विदेशियों ने इन की खुजली पर ऐसी मलहम लगाई कि पानी मांगते फिरे और यदि इस से काम नही चलता तो वे अपने औजारों से इन की खुजली वाली खाल ही छिल कर खुजली ठीक कर देते परन्तु ये दवा से ही मान गये की भैया बस करो मेरी खुजली तो खूब ठीक हो गई है |अब आप जैसे चाहो अपनी मर्जी से अपनी खुजली ठीक करो या खुजलाओ मुझे क्या लेना देना |यह खुजली तो बड़े काम की चीज है इस से तो अब मैं भी फायदा उठाऊंगा |
इन लोगों में कुछ तो ऐसे भी हैं उन्होंने तो खुजली कर कर के ही इतनी सम्पत्ति इकठ्ठी कर ली कि जज साहब भी पूछने लगे कि अरे इस में कितनी जीरो लगेंगी इस की तो गिनती करना भी मुश्किल है |परन्तु उन्होंने जिस कलाकारी से खुजली की वह तो अनोखी ही है खुजली क्या हुई टकसाल ही हो गई जैसे २ उन की खुजली बढती वैसे २ आंधी में झरे आमों की भांति ही उन पर रुपयों की बरसात होती |उन्हें इस से क्या देश का खजाना बेशक खाली रहा पर इस खुजली ने उन के खजाने तो ऐसे भरे कि रिश्तेदारों के यहाँ भी माल रखने की जगह कम पड़ गई |
इस खजाने की बात चली है तो यह भी बड़ा संयोग है कि खजाने और खुजली दोनों के एक ही अक्षर से शुरू होते हैं उन में बड़ा सुंदर अनुप्रास है दोनों ही ख अक्षर से शुरू होते हैं खजाना भी और खुजली भी इस लिए लोगों को खजाने में खुजली और खुजली में खजाना नजर आने लगा जैसे लोग खुजली को छिपाते हैं वैसे ही इन लोगों ने खजाना भी छुपाना शुरू कर दिया और छुपाया भी ऐसे कि देश में तो पता चल जायेगा क्यों कि यहाँ कुछ संत महात्मा और एक स्वामी तो ऐसे हैं कि वे कहीं भी हो खोज ले ही लेंगे इस लिए उन्होंने इस खजाने को विदेश में छुपा दिया |पर संत और स्वामी ने वहाँ भी इस का सुराग लगा लिया जिस से इन की खुजली बढने लगी इस लिए इन माननीयों ने इन संत और स्वामी को तरह २ से धमका कर अपनी खुजली मिटानी शुरू कर दी पर वे हैं कि मानते ही नही इन के पीछे दवा ले कर ऐसे भाग रहे हैं कि जैसे उन का खजान ही ये विदेश में रख आये हैं पर जब वे दवा लगवाना ही नही चाहते हैं तो भी ये इन में हर अंग को उघाड़ २ कर जनता को बता रहे हैं कि देखो इन सुंदर लोगो को कितनी भयंकर खाज है और कहाँ २ है जिसे देख कर लोग ठीक से थू २ कर सकें |पर इन पर तो इस का असर ही नही हो रहा है |अब तो ये खुद ही लोगों के सामने अपने कपड़े उघाड़ २ कर खुजला २ कर मजे ले रहे हैं |और कह रहे हैं लो हमारा क्या कर लोगे हम तो ऐसे ही खुजलायेंगे ,दवा नही लगवाएंगे |आखिर यह खुजली कोई छोटी मोटी चीज थोड़ी है इस का तो मजा ही अलग तरह का है ये साधू और स्वामी इस मजे को क्या जाने और यदि मजे लेने हैं तो खुद भी खुजा लें |
अब जब ये लोग खुजलाने पर इतने ही उतारू हो चुके हैं तो लोगो को भी फिर से खुजली होनी शुरू हो गई है |अब वे फिर से अपनी खुजली के लिए मैदान तलाश रहे हैं कि जहाँ आसानी से खुजलाया जा सके और दवा भी लगाई जा सके खुद को भी और इन को भी |इस लिए अब देश के लोग दुगने उत्साह से एकत्रित हो कर किसी नई दवा की खोज कर रहे हैं जो एक दम असर डर हो और लगाने वालों पर भी इस का दुष्परिनाम न हो | पर सोये हुए को तो जगाया जा सकता है पर जगे हुए मक्कार को कैसे जगाया जाये ऐसे ही जब ये मक्कार चाहते ही नही कि इन की खुजली ठीक न हो तो भला कैसे ठीक हो सकती है | वे तो उलटे दवा लगाने वालों को ही डराने व धमकाने के लिए तैयार बैठे है और बीच २ में पिछली घटना भी याद दिला देते हैं कि जिन्होंने दवा लगाने का प्रयत्न किया उन की कैसी पिटाई की वैसी ही अब फिर भी हो सकती है क्यों कि उन्हें पता है कि ये लोग उन का कुछ नही बिगड़ सकते हैं इस लिए वे यूं ही कपड़े उघाड़ २ कर खुजलाते रहेंगे और देश की खु




राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय खुजली

खुजली शब्द को सुनते ही मजा सा आने लगता है क्योंकि जैसे बिवाई के फटे बिना पीर नही जानी जा सकती ऐसे ही खुजली के खुजलाये बिना आप को उस का मजा नही आ सकता है और जिस ने जिन्दगी में खुजली का मजा न लिया हो ऐसा भी कोई इन्सान नही होगा क्यों कि यह मजा ही ऐसा है जिसे लिए बिना आप रह नही सकते |यदि आप को कहीं खुजली हो रही हो तो आप कितनी भी कोशिश करो मन को खूब पक्का करो पर जैसे नेता भाषण दिए बिना ,कवि कविता सुनाये बिना ,औरते चुगली २ बतलाये बिना ,यौवन की दहलीज पर आये युवा लडके लडकी एक दूसरे को देखे बिना , सास बहुएं एक दूसरे की बुराई किये बिना ,दूध वाले पानी मिलाये बिना ,कहावत के अनुसार सुनार खोट मिलाये बिना पत्नी पति को डांट लगाये बिना बर्तनों को खडके बिना ,कोयल को कूके बिना ,मोर को नाचे बिना ,गधे को ढेंचू २ किये बिना कुत्ते को भौंके बिना आदि जैसे मानते ही नही है वैसे ही आदमी खुजलाये बिना मानता ही नही है |वह लाख कोशिश कर के देख ले पर खुजलाये बिना रह ही नही सकता ,खुजली चीज ही ऐसी है क्यों कि यह एक सार्वजनीन ,सर्वव्यापक ,राष्ट्रिय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की चीज है |आखिर ऐसी महत्व पूर्ण चीज से कोई कैसे वंचित रह सकता है और यदि रह जाये तो वह या तो आदमी नही है और यदि है तो वह खुजलाये बिना रह जाये तो समझो अपनी जिन्दगी के असली मजे से वंचित रह गया |उस जैसा दुर्भाग्यशाली इस दुनिया में कोई नही होगा कि जिसे खुजली लगी हो और वह इसे खुजलाये बिना रह जाये क्योंकि यह तो गूंगे का गुड है , जी हाँ इस के आगे लड्डू ,बर्फी रस मलाई आदि तो कुछ भी नही हैं |अब आप समझ ही गये होंगे कि कितनी महत्वपूर्ण चीज है यह खुजली या खाज |
इस का महत्व स्त्री -पुरुष ,घर - परिवार ,गली - मौहल्ला ,गाँव - नगर , जिला - राज्य ,व देश - विदेश तक व्यापक है |सब से ज्यादा तो यह आप के लिए ही महत्वपूर्ण है |हो सकता है खुजली के लिए भी आदमी ही सब से ज्यादा उपयुक्त हो क्योंकि सब से ज्यादा खुजली भी उसी को होती है जो उसे कहीं भी और कभी भी हो सकती है किस भी जगह या किसी भी समय दिन - रात ,सोते जगते ,उठते -बैठते हरी नाम की तरह हो सकती है जैसे हरी नाम कैसे भी लिया जा सकता है ऐसे ही खुजली भी कहीं भी की जा सकती है |पर इस सब में सब से महत्व पूर्ण है आदमी यानि जिसे खुजली होती रहती है और वह अपनी खुजली मिटने के लिए कई बार बहुत लोगों को खुजली कर देता है और कई बार तो ऐसी खुजली फैलता है कि इस खुजली से पूरी दुनिया को संक्रमित कर देता है जैसे आतंक वाद की खुजली ने पूरे विश्व को परेशान कर रखा है जिसे खुजाते २ पूरा विश्व उकता चुका है पर यह खुजली है कि मिटती ही नही और घटने के बजाय दोनों दिन और बढती रहती है |
ऐसे ही खुजली कई अन्य देशों में भी समय २ पर उठती रहती है जिस के कारण वे दूसरे देशों को भी ऐसे परेशान करते हैं जैसे भैंसा अपनी खुजली मिटने के लिए किसी पेड़ ,खम्बा या गाड़ी आदि से अपने शरीर को रगड़ते २ उसे गिरा देता है ऐसी ही खुजली अमेरिका और चीन को भी होती रहती है | अम्रेरिका तो बाकायदा एलान कर के जोर २ से खुजली करता है उसे खुजलाने के लिए कभी इराक कभी इरान कभी अफगानिस्तान और कभी हिन्दुस्तान या पाकिस्तान चाहिए ही | ऐसे ही चीन है वह तो जिस को मर्जी धमका देता यदि कोई अपने यहाँ किसी भिक्षु को भी बुला ले तो बस चीन उस का ही दुश्मन बन जाता है ऐसे ही देखा देखी अब रूस भी को भी दुबारा खुजली होने लगी है तो उस ने श्री मद भागवत गीता पर ही प्रतिबन्ध की मंशा जाहिर कर के अपनी खुजली मिटानी शुरू कर दी |अब बताओ ऐसी २ खुजली का क्या किया जाये समझ नही आता है और हमारा देश है कि उसे पता है कि रूस गलत जगह खुजा रहा है तो भी कुछ नही कहता है लगता यहाँ के नेताओं को भी गलत जगह खुजली हो रही है जो मन मर्जी खुजलाये जा रहे हैं नही तो ऐसा करार जबाब दें कि उस के तो बड़ों २ की खुजली बंद हो जाये |
पर वे कह भी कैसे सकता हैं क्योंकि वह तो स्वयम ऐसी २ खुजली करते हैं इन नेताओं को साम्प्रदायिकता नामकी बिना बात की सूखी खुजली वक्त बेवक्त होती रहती है इस खुजली को वे जब मर्जी खुजलाने लगते हैं न तो वे इस में कोई जगह देखते है नऔर न ही अपना शरीर कि कहाँ खुजा रहे हैं | और सब से ज्यादा मजा तो उन्हें गुजरात की तरफ मुंह कर के खुजलाने में आता है |जिसे वे गुजरती खुजली या भगवा खुजली कहते हैं परन्तु गुजरातियों के पास इस खुजली की ऐसी दाव है कि जिसे वे जिस को भी लगा देते हैं वह ही नाचता २ फिरता है या बिलों में जा कर ही उसे शन्ति मिलती है |और तो और कुछ बिका हुआ मिडिया भी इस गुजरती खुजली से बाज नही आता है वह जब तब इसे करता ही रहता है पर गुजरती दवा है बहुत तेज जिसे लगती है नचाती जरूर है |ऐसे ही एक टोपी वाले को भी गुजरती खुजली लगी पर जब उसे दवा लगाई तो वह भी नाचा २ फिरा और फिर घर छोड़ कर ही भाग गया कि भाई मैं तो एक दम ठीक हो गया हूँ |यह खुजली तो मुझे किसी और न जबरदस्ती पकड़ा दी थी |
जब बात देश की चली है तो लगे हाथ कुछ और लोगों की खुजली भी मिटवा ली जाये |इन में से कुछ ओग तो ऐसे हैं कि उन्हें इतनी जोर से खुजली लगती है कि वे न तो दिन देखते हैं और न ही रात बस उन को तो खुजली मिटने से मतलब |उन्हें इस से क्या कि चाहे बच्चे हों चाहे औरते चाहे आधी रात हो डंडा ले कर रात में ही लगे अपनी खुजली मिटाने बेशक उस से भारत माता की एक वीर पुत्री बलिदान भी हो गई परन्तु उन्हें इस से क्या उन्हें तो अपनी खुजली से मतलब सो उन्होंने खुजलाया लो अब कर लो उन का क्या कर लोगे |उन्होंने तो खुजली मिटा ही ली |
ऐसे ही एक और माननीय हैं |वे तो अपनी मन मर्जी खुजली मिटने के लिए किसी को भी धमकाने लगते हैं |परन्तु चलो देशी लोगों को तो वे आसानी से धमका सकते हैं परन्तु विदेशियों को कैसे धमका सकते हो एक देशी कहावत है धिन्गों {ताकत वर } के लिए धींग बहुत मिल जाते हैं घर नही तो बाहर मिल जाते हैं सो उन्हें मिल भी गये |आखिर उन विदेशियों ने इन की खुजली पर ऐसी मलहम लगाई कि पानी मांगते फिरे और यदि इस से काम नही चलता तो वे अपने औजारों से इन की खुजली वाली खाल ही छिल कर खुजली ठीक कर देते परन्तु ये दवा से ही मान गये की भैया बस करो मेरी खुजली तो खूब ठीक हो गई है |अब आप जैसे चाहो अपनी मर्जी से अपनी खुजली ठीक करो या खुजलाओ मुझे क्या लेना देना |यह खुजली तो बड़े काम की चीज है इस से तो अब मैं भी फायदा उठाऊंगा |
इन लोगों में कुछ तो ऐसे भी हैं उन्होंने तो खुजली कर कर के ही इतनी सम्पत्ति इकठ्ठी कर ली कि जज साहब भी पूछने लगे कि अरे इस में कितनी जीरो लगेंगी इस की तो गिनती करना भी मुश्किल है |परन्तु उन्होंने जिस कलाकारी से खुजली की वह तो अनोखी ही है खुजली क्या हुई टकसाल ही हो गई जैसे २ उन की खुजली बढती वैसे २ आंधी में झरे आमों की भांति ही उन पर रुपयों की बरसात होती |उन्हें इस से क्या देश का खजाना बेशक खाली रहा पर इस खुजली ने उन के खजाने तो ऐसे भरे कि रिश्तेदारों के यहाँ भी माल रखने की जगह कम पड़ गई |
इस खजाने की बात चली है तो यह भी बड़ा संयोग है कि खजाने और खुजली दोनों के एक ही अक्षर से शुरू होते हैं उन में बड़ा सुंदर अनुप्रास है दोनों ही ख अक्षर से शुरू होते हैं खजाना भी और खुजली भी इस लिए लोगों को खजाने में खुजली और खुजली में खजाना नजर आने लगा जैसे लोग खुजली को छिपाते हैं वैसे ही इन लोगों ने खजाना भी छुपाना शुरू कर दिया और छुपाया भी ऐसे कि देश में तो पता चल जायेगा क्यों कि यहाँ कुछ संत महात्मा और एक स्वामी तो ऐसे हैं कि वे कहीं भी हो खोज ले ही लेंगे इस लिए उन्होंने इस खजाने को विदेश में छुपा दिया |पर संत और स्वामी ने वहाँ भी इस का सुराग लगा लिया जिस से इन की खुजली बढने लगी इस लिए इन माननीयों ने इन संत और स्वामी को तरह २ से धमका कर अपनी खुजली मिटानी शुरू कर दी पर वे हैं कि मानते ही नही इन के पीछे दवा ले कर ऐसे भाग रहे हैं कि जैसे उन का खजान ही ये विदेश में रख आये हैं पर जब वे दवा लगवाना ही नही चाहते हैं तो भी ये इन में हर अंग को उघाड़ २ कर जनता को बता रहे हैं कि देखो इन सुंदर लोगो को कितनी भयंकर खाज है और कहाँ २ है जिसे देख कर लोग ठीक से थू २ कर सकें |पर इन पर तो इस का असर ही नही हो रहा है |अब तो ये खुद ही लोगों के सामने अपने कपड़े उघाड़ २ कर खुजला २ कर मजे ले रहे हैं |और कह रहे हैं लो हमारा क्या कर लोगे हम तो ऐसे ही खुजलायेंगे ,दवा नही लगवाएंगे |आखिर यह खुजली कोई छोटी मोटी चीज थोड़ी है इस का तो मजा ही अलग तरह का है ये साधू और स्वामी इस मजे को क्या जाने और यदि मजे लेने हैं तो खुद भी खुजा लें |
अब जब ये लोग खुजलाने पर इतने ही उतारू हो चुके हैं तो लोगो को भी फिर से खुजली होनी शुरू हो गई है |अब वे फिर से अपनी खुजली के लिए मैदान तलाश रहे हैं कि जहाँ आसानी से खुजलाया जा सके और दवा भी लगाई जा सके खुद को भी और इन को भी |इस लिए अब देश के लोग दुगने उत्साह से एकत्रित हो कर किसी नई दवा की खोज कर रहे हैं जो एक दम असर डर हो और लगाने वालों पर भी इस का दुष्परिनाम न हो | पर सोये हुए को तो जगाया जा सकता है पर जगे हुए मक्कार को कैसे जगाया जाये ऐसे ही जब ये मक्कार चाहते ही नही कि इन की खुजली ठीक न हो तो भला कैसे ठीक हो सकती है | वे तो उलटे दवा लगाने वालों को ही डराने व धमकाने के लिए तैयार बैठे है और बीच २ में पिछली घटना भी याद दिला देते हैं कि जिन्होंने दवा लगाने का प्रयत्न किया उन की कैसी पिटाई की वैसी ही अब फिर भी हो सकती है क्यों कि उन्हें पता है कि ये लोग उन का कुछ नही बिगड़ सकते हैं इस लिए वे यूं ही कपड़े उघाड़ २ कर खुजलाते रहेंगे और देश की खुजली को बढ़ाते रहेंगे |

डॉ.वेद व्यथित
अनुकम्पा १५७७ सेक्टर -३
फरीदाबाद १२१००४
09868842688
mail- dr.vedvyathit@gmail.com



5 comments:

DR. ANWER JAMAL said...

जिसे शांति की तलाश है, वह चला आए अपने मालिक की तरफ़ और झुका दे ख़ुद को नमाज़ में।
जो मस्जिद तक नहीं आ सकता, वह अपने घर में ही नमाज़ क़ायम करके आज़मा ले।
पहले आज़मा लो और फिर विश्वास कर लो।
http://islamdharma.blogspot.com/2011/12/how-to-perfect-your-prayers-video.html

anju(anu) choudhary said...

खुजली के माध्यम से ,अमरीका ,चीन ..और अपने देख के नेताओं को बड़ी ही सफाई से रगड़ डाला है आपने वेद जी

Monika Jain "मिष्ठी" said...

achcha vyang kiya hai aapne samsamyik vishyon par...aabhar

pawan singh said...

aap ke is khujli se sabki khujli or badne wali hai ved ji.ab dekna ye hai ki vo kab tak khujate hai.

प्रवीण पाण्डेय said...

सबकी अपनी अपनी है, हाथ सम्हाल कर उठाना पड़ता है।