Thursday, August 9, 2012

भगवान  श्री कृष्ण जी जिन्होंने दुष्टों व राक्षसों का नाश किया रोहणी अष्टमी को उन का जन्मोत्सव है उन के जन्मोत्सव  को इसी रूप में मनाना हर हिन्दू का कर्तव्य है कि उन से प्रेरणा ले कर हम सब हिन्दू धर्म की रक्षा का इस अवसर पर प्रण लें क्यों कि भगवान इसी हेतु प्रथ्वी पर प्रकट हुए थे वर्तमान समय में केवल झांझ बजाने से या कीर्तन करने से दुष्टों का नाश नही होगा या खाली व्रत करने भर से दुष्ट सुधर जायेंगे यह भूल हम बहुत कर चुके हैं अब जागने का अवसर हैं आओ अपने धर्म की रक्षार्थ उठें और धर्म की रक्षा करें यही जन्मोत्सव की सार्थकता होगी तभी भगवान हम से प्रसन्न होंगे जब हम उन के कार्यों को करेंगे और धर्म विरोधियों का नाश ही भगवान का वास्तविक कार्य है |

2 comments:

प्रवीण पाण्डेय said...

परित्राणाय साधूनाम..

Shanti Garg said...

बहुत ही बेहतरीन और प्रभावपूर्ण रचना....
मेरे ब्लॉग

जीवन विचार
पर आपका हार्दिक स्वागत है।